किसने समझा उसे?

उसकी आँखो में भी , कुछ सुनहरे ख्वाब थे। उसके दिल में भी,  कुछ हसीन  हसरतें थी। उसके जज्बातों में भी,  कुछ अनदेखा जुनून था। उसके लबों पर भी, कुछ हक की  बातें थी। उसकी बातों मे भी,  कुछ छिपी सिसकियाँ थी। उसकी  चाहतों मे भी,  किसी की यादें थी । पर,  किसने  समझा  उसे? …

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