जिन्दगी चलती जाती है …..

जिंदगी चलती जाती है| हर घड़ी, हर पहर, बस चलती जाती है जैसे मुट्ठी में रेत भरने की, कोशिश की हो हमने, और उस बिखरती रेत की तरह, यह जिंदगी बस फिसलती जाती है| जैसे घड़ी में सुइयों के साथ दौड़ने की कोशिश की हो हमने, और उस गुजरते वक्त की तरह, यह जिंदगी बस …

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किसने समझा उसे?

उसकी आँखो में भी , कुछ सुनहरे ख्वाब थे। उसके दिल में भी,  कुछ हसीन  हसरतें थी। उसके जज्बातों में भी,  कुछ अनदेखा जुनून था। उसके लबों पर भी, कुछ हक की  बातें थी। उसकी बातों मे भी,  कुछ छिपी सिसकियाँ थी। उसकी  चाहतों मे भी,  किसी की यादें थी । पर,  किसने  समझा  उसे? …

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